कोरोना से लड़ने की नीति

दिल्ली के काफी प्रवासी मजदूर अपने गॉव की तरफ जा रहे हैं | उनका भविष्य अनिश्चित हैं | यह मजदूर नहीं जानते कि उन्हें खाना कब मिलेगा | उन्हें यह भी नहीं पता कि घर पहुंचने में कितना समय लगेगा | अधिकांश मजदूरों का कहना था कि वह जानते हैं कि सरकार ने कोरोना की महामारी को रोकने के लिए भारत बंद किया हैं | काफी मजदूरों का कहना था कि अगर वह सड़क पर भूखे मर जाएँ या बेरोजगार होकर घर लौटें तब भी वह नाराज नहीं होंगे |

सरकार ने भारत में दुनिया का सबसे बड़ा lockdown लगाया| इस lockdown का मकसद 130 करोड़ लोगो को घर पर रखना था | ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि अगर कोरोना बेकाबू हो जाएगा तो भारत की स्वास्थ सेवाएं कोरोना वायरस को रोकने में सक्षम नहीं हो पाएंगी |

दुनिया के कई देशो में इस बात पर बहस हो रही हैं कि lockdown कब और किस हद तक कम किये जाएं | भारत में कुछ व्यापारी वर्ग के लोग यह चाहतें हैं कि lockdown को तब तक जारीं रखा जाएँ जब तक कोरोना वायरस का खतरा पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो जाता | कुछ लोगो के विचार हैं कि lockdown के कारण गरीब लोग पर भूखे मरने का खतरा हैं |

1918 की स्पेनिश फ्लू और 1957 की एशियाई फ्लू के दौरान सरकारो के पास दो रास्ते थे | उन्हें जनता की सेहत और अर्थव्यवस्था की सेहत में से किसी एक को चुनना था | भारत को इस बात को समझना होगा कि वह कोरोना का मुक़ाबला विकसित देशो की तरह नहीं कर सकता| अमेरिका और यूरोप में नौकरी से निकाले गए| कर्मचारियों को तुरंत बेरोजगारी भत्ते मिले | यूरोप की कुछ सरकारें कंपनियों को पैसे दे रहीं हैं ताकि वह कम्पनिया अपने कर्मचारियों को पैसा देना जारी रखें |

भारत ने मनरेगा और जन धन योजना जैसीं सामाजिक कल्याण वालीं योजनाओ को लाने का सराहनीय काम किया परन्तु तब भी काफी प्रवासी मजदूर और गरीब शहरी मजदूर इन योजनाओ का लाभ नहीं ले पाएं | काफी देशो ने lockdown को इसलिए लागू नहीं किया क्योंकि गरीब ,भीड़ वालीं बस्तियों में लोगो के घर बेहद नजदीक हैं | इन देशो में सामाजिक दूरी को लागु करना बेहद मुश्किल था| साउथ अफ्रीका और केन्या ने lockdown को सख्ती से लागूं किया ,इन देशो में पुलिस और जनता की बीच हिंसक झड़प देखी गयी | पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा|

कोई एक नीति हर देश के लिए उचित नहीं हो सकती | गरीब देशो की नीति विकसित देशो से अलग होगी | चीन की तानाशाह सरकार ने पहले lockdown का आदेश दिया | कुछ समय बाद उसे यह आदेश वापस लेना पड़ा क्योंकि वापस लौट रहे प्रवासी मजदूरों से कोरोना का खतरा पैदा हो गया |

Vedant kabra.

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One thought on “कोरोना से लड़ने की नीति

  • April 1, 2020 at 3:18 PM
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    Very nice

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